लाल गुलाब लगा जाते थे स्कूल
गाते थे हम गीत सुंदर प्यारे !
थे वो जीवन के यादगार पल..,
बाल दिवस मनाते थे मिलके सारे !!1!!
नित हमारे खिले होते थे चेहरे
खुशियों के मारे खूब मस्ती करते !
वो दिन थे सभी अति सुंदर प्यारे..,
बाल दिवस मनाते थे गाते हँसते !!2!!
घर बाहर वन कानन उपवन में
उत्साह उमंग संग नाचा करते !
दिन थे बचपन के सुखमय सारे..,
बाँट के मिठाई खुशियाँ साझा करते !!3!!
खेलते थे बाल नाटक स्कूल में
हम करते थे चाचा का किरदार !
लाड़ लड़ाते बच्चों से चाचा प्यारे..,
देते थे सभी को वो सुंदर उपहार !!4!!
बाल दिवस की यादें हैं जीवित
कहीं मन में है वो बचपन सुरक्षित !
आज फिरसे मनाते ये प्रिय दिवस..,
हम स्वयं को पाते हैं गौरवान्वित !!5!!
– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान |
