vivratidarpan.com शिवगंज (राजस्थान) – झालावाड़ जिले के पीपलोदी सरकारी स्कूल की छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत मृतक प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ व आश्रितों को सरकारी नौकरी दिये जाने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने राज्य के मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री, मुख्यसचिव,शासन सचिव स्कूली शिक्षा,आयुक्त राजस्थान स्कूली शिक्षा परिषद,निदेशक एवं अतिरिक्त परियोजना निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को ज्ञापन भेजकर के पीड़ित परिवार को अविलम्ब राहत देने की दरकार की।
राजस्थान शिक्षक संघ(प्रगतिशील)के जिला प्रवक्ता गुरुदीन वर्मा के अनुसार संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने ज्ञापन में बताया है कि पीपलोदी सरकारी स्कूल में छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत से पुरा राज्य सहम गया। शिक्षा विभाग व प्रशासन घोर लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को निलम्बित नहीं करना खेदजनक स्थिति प्रकट करता है। संगठन ने राज्य सरकार से मृतक बच्चों के परिवार को एक-एक करोड की सहायता देने,मृतक परिवार परिवार से एक-एक को सरकारी नौकरी देने,शासन सचिव के 14 जुलाई 2025 को जारी पत्र की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करने,पीपलोदी सरकारी स्कूल को शिक्षा प्रशासन एवं समसा द्वारा समय-समय पर निरीक्षण नहीं कर मरम्मत योग्य सूची में नाम नहीं होना पूरा सिस्टम पर प्रश्नचिन्ह दोषी अधिकारी के कार्यवाही करने,राज्यभर में प्रत्येक जिले में टीम गठित कर सर्वे व भौतिक सत्यापन करवाकर के एक मुश्त मरम्मत करवाने,भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र तकनीकी अधिकारी से ही मांगा जाना चाहिए। स्कूलों से सीधी मांग करना, भविष्य में घटना घटित होने पर किस किस अधिकारी की जिम्मेदारी होगी तय की जानी चाहिए,बारिश से पहले और बारिश के बाद सरकारी स्कूलो की छत व दिवारों में दरार की शिकायत ज्यादा होती है उन्हें तत्काल निराकरण जिला स्तरीय निष्पादक समिति के माध्यम से करवाने,प्रतिवर्ष मरम्मत का समयबद्ध व चरणबद्ध कार्यक्रम जारी करने के विभिन्न सुझाव राज्य सरकार को दिये। जिस पर काफी सुझावों पर अमल करना भी प्रारम्भ कर हिया है। राज्यभर के आमजन में घटना के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही में विलम्ब चर्चा का विषय बना हुआ है। सभाध्यक्ष धुलीराम डांगी,प्रदेशाध्यक्ष नीरज शर्मा,कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार शर्मा,वरिष्ठ उपाध्यक्ष लच्छीराम गुर्जर,वरिष्ठ प्रदेश मंत्री बृजमोहन मोहन मीणा,महिला मंत्री प्रीति गुर्जर,संरक्षक श्यामलाल आमेटा,उप सभाध्यक्ष शंकर सिंह राजपूत,नरेन्द्र परिहार,चादखाँ ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त कर दोषी अधिकारियों को निलम्बित करने की पुरजोर शब्दों में माँग की।
