हमारी कोशिशों ने नित मिलन के मंत्र दुहराए,
वफाओं ने हमेशा ही सुलह के फूल महकाए,
तुम्हारे एक ग़म पर वार दी सारी खुशी अपनी-
मगर फिर भी तुम्हें रिश्ते निभाने ही नहीं आए।
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बन अम्बर का एक सितारा चमकेंगे हम रातों में।
हर महफ़िल में नाम हमारा शामिल होगा बातों में।
देकर जाएँगे इस जग को हम गीतों की सौगातें,
जिनको गाएगी यह दुनिया प्रेम भरे जज़्बातों में।।
-मणि अग्रवाल”मणिका”, देहरादून उत्तराखंड
