vivratidarpan.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर वरिष्ठ कवि साहित्यकार डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ के जन्म दिवस (14 दिसंबर) को समर्पित आभासी जन्मोत्सव काव्य गोष्ठी का ‘आयोजन 10 दिसंबर ‘2025 को किया गया। गोष्ठी अपराह्न 04.30 बजे से शाम लगभग 07.30 बजे तक निरंतर गतिमान रहकर भव्यता के साथ संपन्न हुई।
काव्यगोष्ठी का शुभारंभ कवि डा. राम अवतार शर्मा ‘राम’ की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात मंच संरक्षक डा. सुधीर श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में मंच के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विमला ज्ञान साहित्य मंच संस्थापिका अंजू श्रीवास्तव ने अपने माता-पिता तुल्य सास ससुर की स्मृतियों को सहेजने और नवोदित रचनाकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से किया गया है। मार्गदर्शक डा. ओम ऋषि भारद्वाज की ओर से अपने संबोधन में आयोजन में शामिल सभी सम्मानित मनीषियों का स्वागत उद्बोधन दिया। संयोजिका डा. निधी बोथरा जैन ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मंच आभासी काव्य गोष्ठी के अलावा विशिष्ट विभूतियों पर लेखन और साझा संकलन के प्रकाशन की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।
तत्पश्चात् काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ। लगभग 25 कवियों /कवयित्रियों ने शिव जी को जन्मदिवस की अग्रिम अनंत बधाइयां शुभकामनाओं के साथ विविध विषयक रचनाओं कीअपनी मनमोहक, उल्लासपूर्ण प्रस्तुतियों से काव्य गोष्ठी को ऊँचाइयों तक पहुंचाया।डा. निधी बोथरा जैन एवं डा. ओम ऋषि भारद्वाज ने कुशल मंच संचालन के द्वारा काव्यगोष्ठी को सफलता प्रदान की।
अंत वरिष्ठ गजलकार आदर्श कुमार बेरी ने आशीर्वचन देकर हौसला बढ़ाया, जबकि रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच भारत के संस्थापक/वरिष्ठ कवि साहित्यकार डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ आयोजन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंच परिवार और उपस्थिति कवियों/ कवयित्रियों काआभार धन्यवाद किया, तो मंच संरक्षक सुधीर श्रीवास्तव ने आभार ज्ञापन और हास्य-व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर/वरिष्ठ कवि भुलक्कड़ बनारसी ने गोष्ठी के विराम की घोषणा की।
आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न मंचों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कवियों, कवयित्रियों सहित रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक शिवनाथ सिंह ‘शिव’, आर. एम. लाल, अरविंद कुमार ‘अनोखे’ का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों और शुभचिंतकों की सक्रिय गरिमामय उपस्थिति से आयोजन को सफल बनाने में सफलता प्राप्त हुई।
