“मकस कहानिका” का काठमांडू में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

 

vivratidarpan.com – काठमांडू (नेपाल)- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से “कहानिका” हिंदी पत्रिका के तत्वावधान में काठमांडू, (नेपाल) में संस्था का पहला अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। यह साहित्यिक महोत्सव सुबह 10:30 बजे से संध्या 4:00 बजे तक चला, जिसमें देश-विदेश के प्रख्यात कवियों, साहित्यकारों और अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया। इस प्रतिष्ठित कवि सम्मेलन में योग्य साहित्यकारों एवम् कवियों को उनकी उपलब्धियों के  लिए काशी हिंदी विद्यापीठ वाराणसी, उत्तर प्रदेश द्वारा “विद्या सागर मानद उपाधि 2025” प्रदान की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ  मा० मुख्य अतिथि रेखा यादव सांसद , प्रतिनिधि सभा नेपाल ने अपने कर कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।

तत्पश्चात गणेश वंदना का सुमधुर प्रस्तुतीकरण दुबई से आईं डॉ ललिता मिश्रा ने किया, इसके बाद बोकारो, झारखंड की डॉ शीला तिवारी ने मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। देवी गीत और शिव वंदना से वातावरण को भक्ति रस से सराबोर करने का कार्य डॉ. श्याम कुंवर भारती ने किया।

काठमांडू (नेपाल) की संगीता ठाकुर ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी का अभिनंदन किया, जिसके उपरांत विशिष्ट अतिथि डिल्ली राम शर्मा संग्रौला ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला।

मंच संचालन पत्रिका के संयोजक एवं प्रधान संपादक डॉ. श्याम कुंवर भारती ने अपने मनमोहक अंदाज में किया।

अतिथियों और कवियों के स्वागत में माल्यार्पण अंगवस्त्र , पशुपतिनाथ की रूद्राक्ष की माला, कहानिका और पशुपतिनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कई देशों जिसमें भारत,नेपाल ,दुबई और आबूधाबी के कवियों द्वारा विभिन्न भाषाओं जिसमें हिंदी, भोजपुरी, मगही ,नेपाली  और थारू भाषा में  अत्यंत ही उत्कृष्ट और कर्णप्रिय काव्य पाठ रहा, जिसमें लगभग दो दर्जन कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रतिभागी कवियों में मुख्य रूप से रेखा यादव मां० संसद  ,प्रतिनिधि सभा, नेपाल ने मां और बेटी पर बेहद भाव पूर्ण काव्य  पाठ किया,इसके अलावा दुबई से ललिता मिश्रा,झारखंड भारत से डॉ श्याम कुंवर भारती ,शीला तिवारी और डॉ (प्रो) संजय कुमार, अध्यक्ष,हिंदी विभाग वाई बीएन, विश्व विद्यालय,रांची ,पंडित प्रेमदास बैरागी, जबलपुर मप्र, जनकपुर और काठमांडू (नेपाल) से दिल्ली राम शर्मा नेपाल, डॉ अम्बिका अर्याल,विभागीय प्रमुख, नेपाली विभाग, पद्मनकन्या बहुमुखी कैम्पस काठमांडू, प्रो.डॉ संजीता वर्मा,पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी केंद्रीय विभाग ,त्रिभुवन  विश्वविधालय काठमांडू , वीणा सिन्हा, संपादक/प्रकाशक “द पब्लिक” हिंदी मासिक पत्रिका ,शैलेन्दु प्रकाश नेपाल, प्रो. पदम्कन्या बहुमुखी कैम्पस नेपाल, नंदलाल चौधरी,थारू साहित्यकार, डॉ सृजना शर्मा,नेपाल साहित्यकार, उपेन्द्र दास ,मगही साहित्यकार,आदि अनेक कवियों ने आयोजन में अपनी सुमधुर काव्यपाठ से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया ।

इसके बाद कवियों का सम्मान सांसद रेखा यादव  के कर कमलों से ललिता मिश्रा आबुधाबी, सत्येन्द्र नाथ गुप्ता ,दुबई, शिला तिवारी बोकारो, झारखण्ड और पंडित प्रेमदास वैरागी जबलपुर एमपी को काशी हिन्दी विद्या पीठ द्वारा “विद्या सागर मानद सम्मान” और “कहानिका पशुपतिनाथ काव्य महारथी सम्मान 2025” से अलंकृत कर किया गया।

मुख्य अतिथि माननीया रेखा यादव  सांसद नेपाल, विशिष्ट अतिथि डॉ ललिता मिश्रा, आबूधाबी ,ढिल्ली राम शर्मा , काठमांडू, डॉ. श्याम कुंवर भारती और सभा अध्यक्ष  प्रा डॉ. अक्कल देव मिश्र  ने अपने विचार रखकर हिंदी साहित्य की प्रासंगिकता पर प्रेरक भाषण दिए। इसके पश्चात हिंदी भाषा पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित हुई, जिसमें  बिनोद कुमार विश्वकर्मा उपाध्यक्ष, हिंदी केंद्रीय विभाग, त्रिभवन  विश्वविद्यालय काठमांडू नेपाल जैसे विद्वानों ने हिंदी के वैश्विक स्वरूप पर चर्चा की। इसके अलावा प्रसिद्ध कवि गोपाल सिंह नेपाली की कविताओं और उनके जीवन पर भी चर्चा की गई ।

अंत में दिल्लीतम शर्मा ,काठमांडू ने सभी कवियों, अथितियों का धन्यवाद व्यक्त किया, और सभा अध्यक्ष डॉ अक्कल देव मिश्र ने सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा की।

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