होई जे भ्रष्टाचारी गोड़ में बेड़ी कानून के त लगबे करी।
कर्तव्य से करी जे बेइमानी हाथ हथकड़ी त पड़बे करी।
नेता होखे भ अधिकारी सरकारी जिम्मेवारी बड़ होला।
करे जे पैसा घुस से यारी देश से गद्दारी त होखबे करी।
घूसखोर औरी भ्रष्ट के होला ना ईमान भ धरम केवनो।
सोचे ना देश के हित में नुकसान भारी त होखबे करी ।
होला कमाल करे फेल के पास फेल के मिले नोकरी।
मिले ना हक गरीब सभ ओर मारामारी त बढ़बे करी।
सभ कुकर्म कई के छूट जाले पापी जेल औरी थाना से ।
जहां बा बोलबाला भ्रष्टाचार बेरोजगारी त बढ़बे करी।
जब सरकार करे खबरदार बेईमान रहे अब होशियार।
कहे भारती मंत्री साहब जेल हवाखोरी त होखबे करी।
श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड
