छछने जैसे पानी बिन मछरिया
वैसे छटपटाए माई बिन बलकवा।
बलका के रोवत सुन माई धावत आय।
हमहूं पुकारी माई कालिका भवानी
आके माई लेतु मोर लजिया बचाय।।
जइसे अकसवा में बिजुरी हो चमके
लपकी झपकी घास फूस सब जरी हो जाय।
तोहरों बलकवा माई विपत्तियां में पडल बाड़े।
आके पहड़वा से माई होखा अब सहाय।
चंड मुंड रक्त बीज महिष दुर्ग दइतवा के मरलू ।
कट कट काटा चण्डीका दुखवा माई हमार।
जइसें अकसवा में चमके तारा हो हजार,
वैसे माई रूपवा आपन लिहलु हो अपार।
नौ देवी नौ दुर्गा देवी माई भइलू हो पूजमान ।
शैलपुत्री,ब्रह्मचारिणी,चंद्रघंटा कूष्मांडा माई तू कहइलु ।
कात्यायनी, कालरात्रि,महागौरी माई सिद्धदात्री तू पूजइलु।
ख़ौलेला ख़परवा काली माई तोहरे हथवा में।
हहरत आवा माई ललकारा दुःखवा सोना रथवा में।
केकर मजाल रुके माई तोहरे हो समनवा।
सर सर बेगिया माई चलावा काली तू कटार।
काटी काटी मुड़िया गिरवलू समर दइतवन के।
झण्डवा हनुमान अगवा बाबा भैरव लेई माई आवा।
करा हुंकार लप लप जीभिया खूनवा बैरिया गिरावा ।
काली घाट से काली आवा मैहर माई शारदा धावा।
कामरूप कामख्या विंध्याचल के विंध्याचल भवानी।
जौनपुर के शीतला माई रहसू के आवा माई भवानी।
भगत आल्हा रहसु परम हंस माई परम पद दिहलू ।
पूजी पूजी चरणीया तोहरो सब अमर होई जाय।
बड़ी बड़ी खोला अंखियां देखा भगता बाडे़ तोर लाचार।
फल फूल केरा नारियर ले ला देईब दियना जराय।
हाथ जोड़ी करी हम बिनती लेला माई आसन लगाय।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर), बोकारो,
झारखण्ड , मॉब.9955509286,
