बड़ा सुघर खूब पंडाल बा लागल
दर्शन करे के खूब धक्कम होत बाड़े,
हमरो के देखा दा पीया मूर्ति दुर्गा मईया के।
अंखियां जुड़ा जाई निहार दुर्गा मईया के।
मनवे में माई के निहारा गोरी घरवे में।
पूजा करा आरती उतारा गोरी घरवे में।
हाथ जोड़ी पउवा परी गुहार देवी मईया के।
अंखियां जुड़ा जाई………।
सोरहो सिंगार करा भोगवा हर प्रकार करा।
घरवे में बरत करा बहरा जाए के जिद मत करा।
पूजी पूजी मांगा वरवा माई वरदइयां के।
अखियां जुड़ा जाई ……………।
नौ दिन बरत उपवास माई हम कइली।
नियम धरम खूब खास माई हम सहली।
पंडाल में जाई मांगब वरदान भारती सइयां के।
अंखियां जुड़ा जाई निहार दुर्गा मईया के।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर)
बोकारो,झारखंड, मॉब.9955509286
