सुना हो गौरा तोर सइयां हम देख अईली।
बौराहा दूल्हा सखी सब परीक्षन अइली।
दुअरें अइले शिव अड़भंगी के देखली।
देखी दूल्हा सखी गिरत पड़त सब भगली।
पिटे कपार फेंकी थरिया मैना मइया।
सुना हो गौरा तोर…………..।
बैल सवारी औरी हाथ में डमरू।
भांग के गोला खाले भोला मंगरू।
मझधार में डुबल तोर नइया ।
सुना हो गौरा तोर………….।
भालू बंदर सब अइले बाराती।
भूत पिशाच नाचेले सब साथी।
देखत सब डेरा गइली दईया।
सुनी सखी बतिया गौरा शिव के मनवली।
मन मुसकाई भोला सुघर रूपवा बनवली।
अइसन सुघर दुल्हा देखली ना हाय मोरी मईया।
सुना हो गौरा तोर……………।
सावर शिव दुल्हा देखी सब गइले मोहाई ।
चूमी चूमी मुहवा मैना परीक्षन के जाई।
ब्रम्हा विष्णु देव बलि बलि जइया।
सुना हो गौरा तोर सइयां ।
-श्याम कुंवर भारती ( राजभर)
बोकारो,झारखंड मॉब.9955509286
