भोजपुरी कविता – श्याम कुंवर भारती

पूछी केहू की भारत में का बा कह देब  ईहां मथुरा औरी कासी बा।

कंकर कंकर शंकर  कण कण में शिव महाकाल अविनाशी बा।

 

गोरखपुर में गुरु गोरखनाथ आजमगढ़ बिराजे धाम शीतला माई के ।

राम जन्म भूमि अयोध्या में शोभे मिर्जापुर धाम विंध्याचल माई के।

देश क शान लाल किला इंडियागेट दिल्ली दिल वालन के वासी बा।

 

बनारस में हिंदू विश्वविद्यालय गंगा के पावन धारा घाट घाट पाप हरे।

उत्तराखंड ऋषिकेष  हरिद्वार चारों धाम दर्शन कई के हर ताप हरे।

ऊंच पहाड़ विराजे माई वैष्णो जम्मू काश्मीर में भगत दास दासी बा।

 

गरजे बरसे देश जवान के घुस दुश्मन के मांद  तंबू उनकर उखाड़ेले।

राफेल विक्रांत मिसाइल ब्रम्होस उड़ आतंकी पाखंडी तिनका उड़ावेले।

देख तीनो सेना के जलवा कमाल दे ले लोगवा बढ़ी चढ़ी के शाबाशी बा।

 

उज्जैन विराजे महाकाल देवघर बाबा वैद्यनाथ के महिमा सगरो गुंजेले।

तारापीठ में तारा माई कलकत्ता मे काली गोहाटी कामख्या के पुजेले।

दक्षिण में रामेश्वरम सागर उतर खाड़ हिमालय कैलाश शिव संन्यासी बा।

 

गुरुनानक संत कबीर महावीर महात्मा बुद्ध क पावन धरती भारत कहावेला।

राम कृष्ण परशुराम नरसिंह विष्णु अवतार पूजित आर्यावर्त बतावेला।

गांधी सुभाष टैगोर तिलक आजाद भगत खुदी वीर कथा बड़ा खासी बा।

 

हमरे देश गीता वेद पुराण उपनिषद औरी रामायण सुनावल जाला।

महाराणा वीर शिवा जी रानी लक्ष्मी चौहान पृथ्वी इतिहास पढ़ावल जाला।

अंग्रेजन क छुड़ावें छक्का तीर धनुष ले झारखंडी वीर बिरसा आदिवासी बा।

 

जेवन मिले ना कही उ भारत में पावल जाला बड़ा निमन कहावल जाला।

कोहिनूर हीरा बाड़े लोग इहाँ के चमक दमक से देश नाम बढ़ावल जाला।

धन धन बा भारत क माटी मिथिला बिहार सीता पति राम बनवासी बा।

– श्याम कुंवर भारती (राजभर), बोकारो, झारखण्ड , मॉब.9955509286

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