( 1 ) बदले साल
हम न बदलें तो,
हो बुरा हाल !!
( 2 ) घर में टंगे
कैलेंडर की जैसे,
हमारा हाल !!
( 3 ) खूंटे पे पड़ा
रहे धूल फाँकता,
ये फटेहाल !!
( 4 ) अरे ओ भाई
उठ जाग तो ज़रा,
सुबह भई !!
( 5 ) रात तो गई
छब्बीस अब आई,
आस जगाई !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर, राजस्थान |
