( 1 ) लिखा
प्रिय हेतु
एक पत्र मैंने..,
दिल की अतल गहराइयों से !!
( 2 ) मिला
प्रिय से
सुंदर उत्तर मुझे..,
जिसे दिल में चला संजोए !!
( 3 ) खिला
कमल सा
सुंदर शुभानन मेरा..,
हिय भावों को चला बसाए !!
( 4 ) पिला
नयनों से
प्रेम अमृत धारा..,
चली प्रिय मन सपने संजोए !!
( 5 ) गिला
प्रिय से
रहा कभी नहीं…,
भले वो रही हमसे दूरी बनाए !!
– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान |
