vivratidarpan.com सिरोही(राजस्थान) :-अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा राज्यव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण में कर्मचारियों को एस आई आर के नाम से दी जारी प्रताड़ना के विरोध में मुकेश कुमार जांगिड़ शिक्षक बी एल ओ झोटवाडा एवं शंकरलाल मीणा ग्राम विकास अधिकारी पंचायत समिति शाहपुरा भीलवाड़ा की मानसिक प्रताड़ना से आत्महत्या जैसी हृदय विधायक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को लेकर जिला कलक्टर सिरोही के माध्यम से मुख्य सचिव राजस्थान सरकार को ज्ञापन देकर के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के जिला प्रवक्ता गुरुदीन वर्मा के अनुसार शिक्षक नेता एवं महासंघ जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र गहलोत ने बताया कि एस आई आर के नाम से शासन व सरकार के कुछ आधिकारी अव्यावहारिक एवं असंवेदनशील प्रशासनिक गतिविधियों की पराकाष्ठा करते हुए कर्मचारियों को इतनी अधिक प्रशासनिक प्रताड़ना दे रहे हैं कि कुछ संवेदनशील कर्मचारी दिवस होकर जीवन के संघर्ष में हार मानते हुए आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाकर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। विगत सप्ताह में प्रदेश में ऐसी दो घटना घटित हुई, इन घटनाओं को लेकर के लाखों कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है। जिलाधीश एवं उपखंड अधिकारी अपनी प्रथम रैंकिंग में स्थान बनाने के लिए बी5 एल ओ पर अत्यधिक दबाव बनाकर के मानसिक प्रताड़ना की सीमा पार कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप ग्रुप) एक प्रकार से थर्ड डिग्री के टॉर्चर रूम बन गए हैं जिससे अपने स्वाभिमान पर ठेस में गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही राजकीय अवकाशों को कार्य दिवस बनाने की प्रथा पर पूर्णतया प्रतिबंध लगे। ड्यूटी समय के अतिरिक्त समय पर अधिकारियों द्वारा घर बैठे दिए जाने वाले निर्देशों पर ठोस पाबंदी लगाई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की धमकी देने की प्रथा पर भी रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन देकर के कार्यवाही की राज्य सरकार से मांग की, अन्यथा आने वाले समय आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। इस अवसर पर छगनलाल भाटी जिला मंत्री राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) , कांतिलाल मीणा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रमेश कुमार रांगी कोषाध्यक्ष, शंकर लाल तांबियाड जिला अध्यक्ष पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ, सुरेश बछेड़ा, राहुल वर्मा, जलालुद्दीन खान, मनोज कुमार शर्मा, मनोहर सिंह चौहान, भंवर लाल हिंडोनिया, भेरूलाल वर्मा, प्रवीण कुमार जानी उपस्थित हुए।
