स्कूल की घंटी बजी जोर से,
चलो बच्चों, चलें बार-बार से।
जहाँ सीखें हम नई बातें,
जहाँ मिलें हम दोस्त बहुत सारे।
पढ़ाई हो या खेल का मैदान,
सबमें मस्ती और हर दिन नया ज्ञान।
मास्टर जी की मीठी बातों से,
खुलें हम सबके नए रास्ते।
रंगीन किताबों की दुनिया बड़ी,
जहाँ हर दिन हो नई खुशी।
स्कूल है हमारे सपनों का घर,
जहाँ बढ़ें हम आगे बढ़ कर।
– डॉ सत्यवान सौरभ, 333, परी वाटिका,
कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी)
भिवानी, हरियाणा – 127045,
