परशुराम – सुनील गुप्ता

 

( 1 )” प “, परमेश्वर

भगवान श्रीपरशुराम,

हैं श्रीविष्णु के छठवें आवेशावतार  !

सप्तऋषि जमदग्नि एवं रेणुका के सुपुत्र..,

फरसा धनुष हैं इनके प्रिय शस्त्र हथियार !!

 

( 2 )” र “, रहे

महेन्द्रगिरी की पर्वत श्रृंखलाओं पे,

और करी कठोर घोर शिव तपस्या  !

श्री शिवजी ने प्रसन्न होकर इन्हें…..,

दिया अचूक हथियार धनुष ‘विजया’ !!

 

( 3 )” शु “, शुभ

दिवस है अक्षय तृतीया,

इस दिन हुआ था इनका अवतार  !

धरा से असुरों का करने विनाश….,

लिया था भगवान ने स्वयं जन्म यहाँ पर !!

 

( 4 )” रा “, रामभद्र

था इनका जन्म का नाम,

शिवजी से मिला ‘परशु’ वरदान में  !

‘रामभद्र’, से बने ये परशुराम…,

इनकी फैली महिमा पूरे ब्रह्माण्ड में !!

 

( 5 )” म “, महिमा

है इनकी बड़ी न्यारी,

करें सभी ब्राह्मण इनकी पूजा-प्रार्थना !

रख उपवास आज के दिवस…,

करते हैं सभी इनकी आराधना !!

 

( 6 )” परशुराम “,

हैं साक्षात् राम के अवतार,

श्रीशिव की रही इनपे अति कृपाएं   !

समस्त ब्राह्मण कुल का करके उद्धार…,

बरसायी सभी पर अपनी करुणा दयाएं !!

-सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

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