( 1 )” प “, परमेश्वर
भगवान श्रीपरशुराम,
हैं श्रीविष्णु के छठवें आवेशावतार !
सप्तऋषि जमदग्नि एवं रेणुका के सुपुत्र..,
फरसा धनुष हैं इनके प्रिय शस्त्र हथियार !!
( 2 )” र “, रहे
महेन्द्रगिरी की पर्वत श्रृंखलाओं पे,
और करी कठोर घोर शिव तपस्या !
श्री शिवजी ने प्रसन्न होकर इन्हें…..,
दिया अचूक हथियार धनुष ‘विजया’ !!
( 3 )” शु “, शुभ
दिवस है अक्षय तृतीया,
इस दिन हुआ था इनका अवतार !
धरा से असुरों का करने विनाश….,
लिया था भगवान ने स्वयं जन्म यहाँ पर !!
( 4 )” रा “, रामभद्र
था इनका जन्म का नाम,
शिवजी से मिला ‘परशु’ वरदान में !
‘रामभद्र’, से बने ये परशुराम…,
इनकी फैली महिमा पूरे ब्रह्माण्ड में !!
( 5 )” म “, महिमा
है इनकी बड़ी न्यारी,
करें सभी ब्राह्मण इनकी पूजा-प्रार्थना !
रख उपवास आज के दिवस…,
करते हैं सभी इनकी आराधना !!
( 6 )” परशुराम “,
हैं साक्षात् राम के अवतार,
श्रीशिव की रही इनपे अति कृपाएं !
समस्त ब्राह्मण कुल का करके उद्धार…,
बरसायी सभी पर अपनी करुणा दयाएं !!
-सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान
