( 1 ) धन्यवाद प्रभु तुमको
रहमत मेहरबानियों के लिए,
कि, दिखलाए चले, ये शुभ दिन हमको !!
( 2 ) साधुवाद श्रीहरि तुमको
सिद्धि और निधियों के लिए,
कि, चले ज्ञान से नवाज़ते हम सभी को !!
( 3 ) आभार परमपिता श्रीपरमेश्वर
प्रिय कृपापात्र बनाने के लिए,
कि, सदा साथ बनें रहे आप हो हमारे !!
( 4 ) प्रणाम अभिनंदन श्रीजी
मृत्यु संसार से तारने के लिए,
कि, बिन आपके थे यहाँ हम बेसहारे !!
( 5 ) करें कृतज्ञता ज्ञापित श्रीहरि
हरेक श्वासों से नाम स्मरण करते,
कि, भव सागर से पार आप ही उतारते चलें !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान
