देश पर मर मिटने का हो जज्बा जिसमें वो सच्चा हिन्दुस्तानी है।
खून नहीं खौले जिसका देश के दुश्मनों वो खून नहीं पानी है।
हम खुशनसीब भारत भूमी में जन्म लिया कर्ज चुकाना है हमको।
स्वर्ग से सुंदर मातृ भूमी सत नमन जरूरत पर देना हमे कुर्बानी है।
कुर्बानी शहीदों की जाया न जाए संभाल के रखना है वतन को अपने।
छौड़ी छाती लंबी भुजाएं हो तैयार मिटने वतन वही सफल जवानी है।
गर हो न तन से मन से दुआ देश की खुशहाली के लिए करेंगे हम ।
जिसका खाया पिया जहां जन्म लिया काम न आए वो बेईमानी है।
आओ गाए गीत सब मिल वंदे मातरम वंदे मातरम राष्ट्र को नमन करे ।
भारती भारत सब सबसे प्यारा यही पैगाम हमारा दुनिया हिंद दीवानी है।
– श्याम कुंवर भारती,बोकारो ,झारखंड , मोब.9955509286
