एक दीप आजादी के दीवानों के नाम पर,
अपने घर में जलाएं जिन्होंने आजादी दिलाई।
वीर शहीदों के नाम भी एक दीप जलाएं,
जो देश की रक्षा के लिए शहीद हुए है।
दीपक जैसा हमको बनना ही होगा,
खुद को जलाकर प्रकाश देना होगा।
गरीब के घर में भी करें हम उजाला,
दान पुण्य करके तब दीपावली मनाएं।
अपने अंदर की बुराईयों को मिटाएं,
इस दीपावली को हम सब खास बनाएं।
पवित्र विचारों को अपने मन मंदिर में लाएं,
इस दीपावली पर खूब सब नाचें गाएं।
छल, कपट और कुविचारों को मिटाएं,
ऐसा दिव्य संकल्प इस दीपावली में ले।
यह भारत भूमि देवताओं की भूमि है,
दुर्जनों, देश द्रोहियों को मिटाना होगा।
खुशहाली के लिए दीप घर में जलाएं ,
गम के अंधेरे को इस धरा से मिटाएं।
नफ़रत ,घृणा को दूर भगाना ही होगा,
प्यार ,प्रेम,और स्नेह सबमें बांटना होगा।
हम सनातनी धर्मी संस्कृति के पोषक है,
भगवान श्री राम ही हमारे आराध्य हैं।
– कालिका प्रसाद सेमवाल
मानस सदन अपर बाजार
रुद्रप्रयाग उत्तराखंड
