जै कारगिल
चलें गाथा सुनाते.,
वीर प्रफुल्ल !!1!!
वीरों नमन
श्रद्धा भाव चढ़ाते.,
आँखें सजल !!2!!
साठ दिवस
बर्फ़ीली दिन रातें.,
कठोर पल !!3!!
अदम्य शौर्य
वो आनन मुस्काते.,
मन सलिल !!4!!
जय भारती
शत्रु कँपकँपाते.,
जीत प्रबल !!5!!
– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान |
