vivratidarpan.com देहरादून – ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के तत्वावधान में “संगीत की एक शाम सखियों के नाम” नामक विशेष साहित्यिक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन इंजीनियर्स एन्क्लेव, जी.एम.एस. रोड, देहरादून में गरिमामय और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुप्रसिद्ध संगीत शिक्षिका श्रीमती इंगिता पुजारी के वाणी वंदना से हुआ।
प्रथम सत्र का विधिवत संचालन संस्था की अध्यक्षा एवं संस्थापिका श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने किया, द्वितीय सत्र का कुशल संचालन डॉ. क्षमा कौशिक ने संभाला।
श्रीमती इंगित पुजारी ने मेरे द्वारा लिखी (कविता बिष्ट ‘नेह’) की वंदना और ग़ज़ल गाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। मैं आदरणीय श्रीमती इंगिता पुजारी का दिल से आभार प्रकट करती हूँ ।
मुख्य अतिथि के रूप में विदुषी डॉ. रमा गोयल उपस्थित रहीं तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने की। विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती मीना बिष्ट (ITO इनकम टैक्स ऑफ़िसर ) इंगिता पुजारी, श्रीमती महिमा ’, डॉ. इंदु अग्रवाल, श्रीमती महेश्वरी कनेरी एवं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से मंच की शोभा बढ़ाई।
डॉ. नेहा बिष्ट का जन्मदिन विशेष आकर्षण – इस अवसर पर डॉ. नेहा बिष्ट का जन्म दिन सभी सखियों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। उन्होंने सभी विदुषियों से आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी कृतज्ञता प्रकट की।
हरियाली तीज की छटा – हरियाली तीज के उपलक्ष्य में सभी सखियाँ पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी, अपनी मनोहर आभा बिखेर रही थीं। उनकी विविध प्रस्तुतियों—संगीत, नृत्य, काव्यपाठ और अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
त्याग और प्रेरणा का उदाहरण – कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब श्रीमती मणि अग्रवाल ने अपने पति को किडनी दान करने की प्रेरणादायक जीवन घटना साझा की। उनका यह त्याग और प्रेम न केवल हरियाली तीज की महत्ता को और गहन बना गया, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी सिद्ध हुआ। संस्था की ओर से उनके दीर्घायु, स्वास्थ्य, समृद्धि और मंगलमय जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं।
कला और साहित्य की झलकियाँ – सभी प्रतिभागी सखियों ने अपनी अनोखी प्रस्तुतियों से संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।
श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ : “आई आज बहार है, मन में उठी उमंग…”डॉ. क्षमा कौशिक : “मेरे मन की मरुस्थली में बादल बनकर बरस भी जाओ…”श्रीमती निशा अतुल्य :“छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए…”डॉ इंदु अग्रवाल ने संवेदनशील विषय बेटियों नारीयो की सुरक्षा पर प्रकाश डाला ,श्रीमती स्वाति ‘मौलश्री’ : “तेरा वचन कवच बने…”श्रीमती रेखा जोशी : “प्यार में होता है क्या जादू…”श्रीमती मणि अग्रवाल ,कन्या भ्रूण हत्या पर हृदयस्पर्शी कविता “संचित हों पुण्य कर्म तो आती हैं बेटियाँ…” नीरु गुप्ता मोहिनी ,पल-पल दिल के पास तुम रहती हो। जीवन मीठी प्यास ये कहती हो…
सभी प्रस्तुतियाँ प्रेरणादायी, भावपूर्ण और मनमोहक रहीं।
विदुषियों की गरिमामयी उपस्थिति – इस अवसर पर डॉ. इंदु अग्रवाल, श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’ डॉ. क्षमा कौशिक, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती महिमा श्री, श्रीमती झरना माथुर, श्रीमती भारती मिश्रा, श्रीमती स्वाति ‘मौलश्री’, श्रीमती निशा अतुल्य, श्रीमती रेखा जोशी, श्रीमती संगीता वर्मानी ‘साध्या’, श्रीमती शोभा पाराशर, डॉ. नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, श्रीमती संगीता मित्तल, श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता, श्रीमती अनीता सिंह, श्रीमती विद्या पाल,श्रीमती नीलू निलोफर ,जया रावत, ममता रावत, प्रियंका रावत मनीषा रावत, आस्था राणा, आरुषि,गरिमा,पीहू आदि की उपस्थिति ने संध्या को विशेष गरिमा प्रदान की।
संस्था की अध्यक्षा एवं संस्थापिका श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की प्रतिभा को मंच देना, आत्मविश्वास को सशक्त करना और नारी सशक्तिकरण की भावना को समाज तक पहुँचाना है।
आयोजन को पूर्णता प्रदान मंचासीन विदुषियों ने की।सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और दर्शकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए हरियाली तीज महोत्सव की मंगलकामनाएँ दी गईं।
(श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ संस्थापिका एवं अध्यक्ष: ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था)
