बजरंग का बाण है, हरता सब त्राण है,
पाने को उनकी कृपा, चालीसा जपा करें।
सब संकट टारते, असुरों को संहारते,
जब भी पुकारे भक्त, उन पे दया करें।
विपदा भले हो बड़ी, सामने सबके खड़ी,
उसके विनाश हेतु, मारुति कृपा करें।
लोभ क्रोध मोह तजें, बजरंगी नाम भजें,
जन कल्याण की मन, भावना रखा करें।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
