गुरु पूर्णिमा व (असाढ़ी) – प्रवीण त्रिपाठी

गुरु की महिमा बड़ी महान।
गुरु चरणों में मिलता ज्ञान।।
बतलाते रहस्य अति गूढ़।
ज्ञानी बन कर निखरे मूढ़।।

गुरु में भरा ज्ञान भंडार।
मन में भरते शुद्ध विचार।।
संस्कारों के भरते तत्व।
गुरु पोषित करते गुण सत्व।।

जग माने गुरु का आभार।
वह करवाते हैं भव पार।।
मन में बसते हैं अविराम।
मन से गुरु को करें प्रणाम।।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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