जमाने में हर तरफ तेरा ही नजारा है।
मै खुश हूं तुझको दिल में संवारा है।
कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।
फिंजा में तेरी खुशबू महकी महकी है।
हर कली है मनचली बहार बहकी बहकी है।
मत पूछो बिन तेरे दिन कैसे मैंने गुजारा है।
मैं खुश हूं तुझको दिल में संवारा है।
कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।
तू है तो मैं हूं ये जहां खुशियां ही खुशियां है।
तुझसे है मौसम ए बहार मस्तियां ही मस्तियां है।
तुझसे ही बदला हाल मौसम का सारा है ।
मैं खुश हूं तुझको दिल में संवारा है।
कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।
तू है नाजुक बदन आबाद है तुझसे चमन।
हरियाली है धरती देख तुझे झूमे गगन।
मेरी जान ए गजल छोड़ मुझे किया बेसहारा है।
मैं खुश हूं तुझको दिल में संवारा है।
कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।
मेरे दिल ए गुलशन में आओ इश्क बहार खिले।
दुआ करो इश्क रहे आबाद हम हर बाल मिले।
जख्मी दिल भारती ने तुझको पुकारा है।
मैं खुश हूं तुझको दिल में संवारा है।
कभी छोड़ेंगे न तेरा साथ वादा हमारा है।
– श्याम कुंवर भारती, बोकारो, ,झारखंड, मॉब.9955509286
