प्यार का गीत मिलकर सुनाएं चलो,
दर्द दिल का सदा हम भुलाएं चलो।
ख्याब आँखो मे तुम अब सजाएं चलो,
जश्र सब जन्मदिन का मनाएं चलो।
यार प्यारी लगी हैं अदाएं बड़ी,
दिल को छूने लगी जो गिनाएं चलो।
जाम हमने पिया यार अब तो बहुत,
पग खुशी से मेरे अब उठाएं चलो।
बात दिल की कहे यार अब साफ सी,
राज दिल का तुम्हें हम बताएं चलो।
चाँद सा खूबसूरत लगा आज तू,
प्यार की आज रस्में निभाएं चलो।
दर्द से जो घिरें हैं जमाने मे अब,
साथ मिलकर जरा गुनगुनाएं चलो।
– रीता गुलाटी ऋतंभरा, चंडीगढ़
