खुशियों का झरना – डॉ. सत्यवान सौरभ

 

खुशियों का झरना बहता,

नन्हे बच्चों का संग।

हँसी के मोती चमकते,

हर दिल में उमंग।

 

खेल-खेल में बीते दिन,

सपनों का रंग बिखेरे।

दोस्ती की मिठास हो,

हर गली में गूंजेरे।

 

चाँदनी रात की लोरी,

मीठे सपनों का संसार।

खुशियों का झरना यह,

हम सबका है उपहार।

-डॉo सत्यवान सौरभ 333,

परी वाटिका, कौशल्या भवन,

बड़वा (सिवानी) भिवानी,

हरियाणा – 127045

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