राम नाम सुख धाम जपा करें आठों याम,
गुंजन श्रीराम नाम मन में सदा रहे।
लखन सिया साथ में, रख कोदंड हाथ में,
पिता का वचन वन जाकर निभा रहे।
सभी सुख त्याग दिये मन में संकल्प लिये,
वनवास काल राम खुशी से बिता रहे।
आदर्श के मूर्त रूप लौट कर बने भूप,,
चरणों में राम के ही मन ये लगा रहे।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
