( 1 ) बाढ़ ही बाढ़
चहुँ ओर देख के,
डर सा लगे !!
( 2 ) जलाशय सा
बना आँगन देखें,
इंद्र को कोसें !!
( 3 ) जल से भरे
हैं घर के कमरे,
हैरान डरे !!
( 4 ) टीवी रेडियो
सभी बजा रहे हैं,
जल तरंगे !!
( 5 ) गाँव शहर
सभी दरिया बने,
जाएं कहाँ पे !!
– सुनील गुप्ता, जयपुर, राजस्थान |
