कविता – जसवीर सिंह हलधर

 

भारत माता आहत है पाकिस्तानी अय्यारों से ।

हमें जूझना होगा पहले  घर  बैठे गद्दारों से ।।

 

कुछ लोगों की नींद उड़ी है दर्द देश ने पाया है ।

पाकिस्तानी कुत्तों ने फिर शेरों को उकसाया है ।

दो के बदले सौ मारेंगे कसम आज हम खाते हैं ।

सौ के बदले लाख मिटाने  की सौगंध उठाते हैं।

पहले घर के भेदी मारो फिर निबटो मक्कारों से ।।

भारत माता आहत है  पाकिस्तानी अय्यारों से ।।1

 

सत्य अहिंसा वाली लाठी काम नहीं आने वाली ।

गोली के बदले में गोली  गाली के बदले गाली ।

उबल रहा है खून देश का गांव गली चौराहों पर ।

हमला दुगनी ताकत से सब आतंकी राहों पर ।

एक बूंद भी पानी मत दो सिंधु नदी की धारों से ।।

भारत माता आहत है पाकिस्तानी अय्यारों से ।।2

 

जन जन में आक्रोश भरा है शब्दों ने संयम खोया ।

पहलगांव के दृश्य देखकर  फूट फूट कर मैं रोया  ।

किसने घुसने दिया पार्क में इस आतंकी टोली को ।

केवल हिंदू के सीने पर चलने वाली गोली को ।

प्रश्न सुरक्षा के मुद्दे पर है दोनों सरकारों से ।।

भारत माता आहत है पाकिस्तानी अय्यारों से ।।3

 

सिंधु नदी के जल से भी ये आग नहीं बुझने वाली ।

पीओके में अंदर घुसना चाह रही है रण काली ।

‘हलधर’ का प्रधान मंत्री जी से एक निवेदन है ।

खुली छूट दे दो सेना को इतना सा आवेदन है ।

रहो संभलकर भाई मेरे  पाक पले हत्यारों से ।।

भारत माता घायल है  पाकिस्तानी अय्यारों से ।।4

– जसवीर सिंह हलधर , देहरादून

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