( 1 ) चले
वीर आजादी के दीवाने,
बाँधकर कफ़न सिर पे अपने !!
( 2 ) उजले
मस्तक पे तिलक सोहे,
जब चले वीर सैनानी लड़ने संग्राम में !!
( 3 ) डटे
रहे दीवाने सरहदों पे,
मिटाए नामो निशान अरि दुश्मनों के !!
( 4 ) गूंजें
नारे वंदे मातरम के,
जब लहराए तिरंगा उत्तुँग शिखरों पे !!
( 5 ) बरसे
पुष्प सुमन वीर शहीदों पे,
जब वह लौटके वापिस आए तिरंगे में !!
– सुनील गुप्ता,जयपुर, राजस्थान |
