( 1 ) चारपाई पे
पीपल पेड़ नीचे,
गुफ़्तगू करें !!
( 2 ) है ये चौपाल
दुःख-सुख की बात,
सुनाएं हाल !!
( 3 ) गोष्ठी अथाई
कहहि परस्पर,
लोग लुगाई !!
( 4 ) ये हाट बाट
गली कूचा चौबारा,
रे बीती बात !!
( 5 ) आओ मिलके
कुछ देर बैठलें,
दर्द बाँटलें !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान
