शिव-शिव नित जपते रहें, खुश हों भोलेनाथ।
कैलाशी आशीष दें, धरें शीश पर हाथ।।
हरते हर दुख सृष्टि के, पूरी करते आस।
खुश होते उस भक्त से, जो रखता विश्वास।।
पावन सावन माह में, करिये शिव का ध्यान।
हिय में रखकर शंभु को, करिये नित गुणगान।।
कृपा दृष्टि उनकी मिले, दिल से करें प्रयास।
धन्य बने जीवन तभी, उपजे नव विश्वास।।
श्रावण मास पुनीत है, करिये शिव अभिषेक।
महादेव को पूजिये, पाएं पुण्य अनेक।।
पाप कटे अरु दुख मिटें, लेते जिनका नाम।
ऐसे भोलेनाथ को, करते नित्य प्रणाम।।
कैलाशी की हो कृपा, सब जन बनें प्रबुद्ध।
मैल सभी मन दूर कर,अंतस करिये शुद्ध।।
ऐसी भर दें प्रेरणा, त्यागें सब दुर्भाव।
बढ़े परस्पर प्रेम नित, उपजे फिर समभाव।।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश
