पूजीला चरण माई हम तोर,
हे मइया विद्या के दानी।
बिनवा के होला बड़ा शोर,
हे मईया विद्या के दानी।
हंस के सवारी औरी हथवा में विनवा।
दे दा विद्या दान फेरा हमरो दिनवा।
जगवा में हई हम अज्ञानी घनघोर।
हे मईया विद्या के दानी।
कोरे कगजवा पर करिया अक्षरवा लिखिला।
बुद्धि लरकोर दुनिया नज़रवा ना बुझिला।
फईलल बड़ा अन्हार सगरी ओर।
हे मइया विद्या के दानी।
संगीत कला और स्वर के हउ माई देवी।
सरस्वती शारदा ब्रम्हाणी अक्षर के हऊ माई देवी।
करिला पूजनीया माई करजोर ।
हे माई शारदा भवानी।
-श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड
मो०न० .9955509286
