आया होली का त्यौहार – हरी राम यादव

धरती धानी रंग में सजी हुई,
धारे लाल रंग का बंदनवार।
ढाख पलास रंगबाज बने,
कनक झूमे हरी संग बयार।
आया होली का त्यौहार।।

मन मगन हो कोयल गा रही,
कूद कूद बौराये आम की डार।
करवन कटार प्रफुल्लित हो,
गा रही फगुआ गीत विचार।
आया होली का त्यौहार।।

गगन मगन मन गा रहा,
होली के हुड़दंग निहार।
पछुआ पवन झकोरा ले,
कर रही खूब प्रेम व्यापार।
आया होली का त्यौहार।।

गले मिलो गिले मिटाओ,
भेंटों भरि भरि अंकवार।
रंग लगाओ गुलाल लगाओ,
करो इत्र की खूब बौछार।
आया होली का त्यौहार।।

लाल, हरे, नीले और पीले,
सब रंग संग संग करें विहार।
आओ हम मिलकर लाएं,
सबके मन में रंग बहार।
आया होली का त्यौहार।।
– हरी राम यादव , सूबेदार मेजर (आनरेरी)
अयोध्या, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

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