नया साल - झरना माथुर

 | 
pic

धूम मचाती नये साल की,

नूतन बेला आयी है।

नौजबान,बच्चे,बूढो के,

मन मे मस्ती छायी है।

छोड़ो यारो पिछ्ली बातें,

मन मे बात न रखें कुछ।

नये साल में नयी उमंगो,

ने ले ली अंगराई है।

क्या गुजरी क्या बीती हम पर,

छोड़े सब ये बात गयी।

रात गुजर जाती अंधियारी,

जाती दे कर भोर नयी।

इस एक्कीस साल की  अलविदा,

जाते जाते वादा कर।

कहना जब बाईस मिले तो,

लेकर आये खुशी सभी।

- झरना माथुर देहरादून , उत्तराखंड