धेनु मानस का नित पाठ करो - कालिका प्रसाद

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गौ माता   की  रक्षा से,

मानवता  बच  जायेगी,

देवोपम संस्कृति की रक्षा,

गौ सेवा से  ही हो पायेगी।

राजा दलीप ने सेवा करके,

गौ माता की महिमा बतायी,

कृष्ण ने गऊ  माता  चराई,

गौ   की   आन   बढ़ाई  है।

भोगवाद  के  चक्कर  में,

गऊ माता को मत बिसारो

अपने   स्वार्थ   के  लिये,

गौ का  रुप न बिगाड़ो रे।

गऊ माता कर रही पुकार,

मुझे  मत  तड़फाओ   रे,

गौ प्रत्यक्ष देव इस धरा पर,

नित गऊ की महिमा गावो रे।

अगर  सृष्टि को  संवारना है,

गौ को कभी कष्ट नहीं देना है,

ऋषियों ने गऊ को पाला है,

तभी वे  देव  तुल्य  हुये  है।

भारत में समृद्धि चाहिए तो,

गौ सेवा में सब लग जाओ,

अपने घर की खुशी के लिये,

धेनु मानस का नित पाठ करो।

- कालिका प्रसाद सेमवाल

मानस सदन अपर बाजार

रुद्रप्रयाग   उत्तराखंड