सावन में झूले - झरना माथुर
Aug 12, 2023, 23:21 IST
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सावन में झूले पड़ गये,
परदेसी आ जा आ।
तेरे संग मैं झूला झूलू,
साजन अब तो आ जा आ।
गोरे- गोरे हाथों में ये,
मेहंदी रचाई है।
मांग सिन्दूरी बालम
मैने खूब सज़ाई है।
प्रीत की चूनर सजना,
मोपे लहरा जा आ आ।
तेरे संग मैं झूला झूलू,
साजन अब तो आ जा आ।
पर्वत ऊपर काली,
घटा यें घिर के आयी।
जियरा डोले मेरा,
मन में मस्ती सी छायी।
बारिश में भीगू संग में,
तू भी आ जा आ।
तेरे संग मैं झूला झूलू,
साजन अब तो आ जा आ।
सावन में झूले पड़ गये,
परदेसी आ जा आ।
तेरे संग मैं झूला झूलू,
साजन अब तो आ जा आ।
- झरना माथुर , देहरादून , उत्तराखंड