किताबें - निहारिका झा

 | 
pic

किताबों का अनूठा संसार।

कई रंग दिखते किताबों में हमको,

कहीं  है खुशी तो कहीं गम हैं दिखते,

तन्हाई को दूर करती किताबें,

सदा से ही संगी रही हैं किताबें।

दिखाती हमें नयी दुनिया किताबें,

किताबें ही रचती आगे की बातें।

किताबों में ही तो इतिहास दिखता,

किताबें सजातीं जीवन की बगिया।

किताबों में ही तो दिखती है दुनिया,

जाते अगर हम किताबों की दुनिया।

नजदीक लगती हमें सारी दुनिया।

कर लो सभी किताबों से प्यार,

किताबों में भरा ज्ञान का भंडार।

किताबों का अनूठा संसार।

- निहारिका झा, खैरागढ राज (36गढ़)